Bathinda witnesses double winter attack, minimum temperature 0.6°C, city colder than

बठिंडा में सर्दी का डबल अटैक, न्यूनतम तापमान 0.6°C, शिमला से भी ठंडा रहा शहर

undefined

Bathinda witnesses double winter attack, minimum temperature 0.6°C, city colder than

बठिंडा महानगर इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो Shimla से भी कम दर्ज किया गया। इसके साथ ही बठिंडा उत्तरी भारत के सबसे ठंडे शहरों में शामिल हो गया है। कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

 घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित

सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। ठंडी और तेज हवाओं ने सर्दी की तीव्रता और बढ़ा दी। लोग दिनभर अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों के सहारे नजर आए। सड़कों पर आवाजाही कम रही और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।

 यातायात पर असर

कोहरे के कारण हवाई सेवाएं, रेल यातायात और सड़क मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए।

  • कई ट्रेनों की रफ्तार धीमी रही

  • कुछ ट्रेनों के देरी से चलने की खबरें सामने आईं

  • राष्ट्रीय और राजमार्गों पर कम दृश्यता से वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई

कोहरे के चलते सड़क हादसों में भी इजाफा देखा गया, जिससे प्रशासन और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

 बिजली व संचार सेवाएं बाधित

घने कोहरे और ठंड के कारण संचार सुविधाएं प्रभावित रहीं। वहीं बिजली आपूर्ति में भी बार-बार आंख-मिचौली की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को ठंड में और ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।

 स्वास्थ्य पर सीधा असर

अत्यधिक सर्दी का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार:

  • हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर और सांस की बीमारियों के मरीज बढ़े

  • खांसी, जुकाम, नजला और बुखार आम हो गया

  • बदलते मौसम के कारण वायरल संक्रमण और चिकनगुनिया के मामले भी सामने आए

सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

 पशु-पक्षियों पर भी संकट

कड़ाके की ठंड से पशु-पक्षी और आवारा जानवर भी बेहाल हैं। खुले में रहने वाले पशुओं के लिए यह सर्दी जानलेवा साबित हो रही है। कई स्थानों पर पशु प्रेमी संस्थाएं बचाव के प्रयास कर रही हैं, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।

 प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:

  • अनावश्यक यात्रा से बचें

  • बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें

  • गर्म कपड़े पहनें

  • कोहरे में वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें

स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात अपनाने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर बठिंडा में सर्दी का यह डबल अटैक न केवल आम जनजीवन बल्कि स्वास्थ्य, यातायात और पशु-पक्षियों के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।